देहरादून : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी की जमकर सराहना की। रामनगर से देहरादून ट्रेन की शुरुआत के लिए उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों और योगदान की जमकर तारीफ की और सांसद बलूनी के योगदान को बड़ा बताया। उन्होंने कहा कि सांसद अनिल बलूनी हमेशा अपने क्षेत्र के विषयों को लेकर लड़ते हैं और ये एक अच्छे सांसद का स्वभाव है। दरअसल रामनगर से देहरादून के लिए ट्रेन संचालन को लेकर लंबे समय से स्थानीय जनता की मांग रही। गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने इस दिशा में प्रयास किया और सांसद बलूनी के प्रयासों के चलते अब रामनगर-देहरादून रेल सेवा की शुरुआत हो चुकी है।
*केंद्र में पहाड़ के मजबूत पैरोकार साबित हो रहे बलूनी*
महज गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश व जनहित से जुड़े कई अहम विषयों को केंद्र में मजबूती के साथ उठाने में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी लगातार प्रयास में जुटे रहते हैं जिसके नतीजे भी सामने आते हैं। रेल सेवा की सौगात से पहले सांसद बलूनी के प्रयासों से गढ़वाल-कुमाऊं क्षेत्र की जनता को धनगढ़ी पुल के जरिये बड़ी राहत भी मिली है। गढ़वाल-कुमाऊं की जनता को धनगढ़ी पुल की सौगात भी सांसद अनिल बलूनी के विशेष प्रयासों का ही नतीजा रही है। पहले हर साल मानसून सीजन के दौरान जनता को भारी जोखिम उठाना पड़ता था और कई बाद दुर्घटनाएं भी होती थी। गढ़वाल सांसद के प्रयासों के बाद धनगढ़ी पुल भी जनता को समर्पित हो गया है जिससे आवाजाही और सुगम व सुरक्षित हो गई है।
इसके अलावा कोटद्वार क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के संबंध में भी गढ़वाल सांसद के प्रयासों का ही नतीजा रहा कि जनता को बड़ी राहत मिली। एक तरीके से देखा जाये तो कोटद्वार क्षेत्र की जनता के लिए ये मार्ग लाईफ लाइन से कम नहीं। इससे पहले सिंगटाली पुल को लेकर भी गढ़वाल सांसद के प्रयासों का नतीजा रहा कि इसकी राह आसान हो सकी है।
विकास कार्यों के साथ ही केंद्र से जुड़ी गढ़वाल क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को भी दिल्ली तक पहुंचाने के लिए सांसद बलूनी के प्रयास रंग लाते नज़र आ रहे हैं। इसके अलावा पौड़ी में माउंटेन म्यूज़ियम व प्लेनेटेरियम भी गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का एक बड़ा और महत्वकांशी प्रोजेक्ट है जो पौड़ी को एक नई पहचान भी दिलाएगा। पर्यटन के लिहाज से पौड़ी में अपार संभावनाएं हैं और अब प्लेनेटेरियम के बन जाने के बाद छात्रों व शोधार्थियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।




