नई दिल्ली/देहरादून : स्वस्थ तन,स्वस्थ मन, स्वस्थ जीवन। भारत की प्राचीन योग पद्धित का डंका आज समूचे विश्व में बज रहा है। योगाभ्यास के जरिये न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहा जा सकता है। योग के जरिये आज लाखों लोगों के रोग दूर हो रहे है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर संसद परिसर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत बड़ी संख्या में सांसदों ने योगाभ्यास किया।
इस मौके पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद रहे। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का कहना है कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि प्राचीन ऋषि परंपरा का एक अमूल्य उपहार है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन एवं सामंजस्य स्थापित करता है। गढ़वाल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान मिली है योग एक वैश्विक जन आंदोलन बन चुका है और विश्व भर के करोड़ों लोग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।
गढ़वाल सांसद ने लोगों से अपील की है कि वह भी अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा योग को बनाकर स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें। दरअसल आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बेहद ही जरूरी है कि आप जितना स्वस्थ शारीरिक रूप से रहें उतना ही मानसिक तौर पर भी फिट रहे।
इसके लिए आवश्यक है कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाय। लाखों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर एक स्वस्थ एंव संतुलित जीवन जी रहे हैं। सही मायनों में देखा जाए तो करो योग रहो निरोग का सिद्धांत अपनाते हुए लाखों लोग अपना जीवन बदल चुके हैं। लिहाजा ऐसे में बेहद आवश्यक है कि अगर आप एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो जरूरी है आप योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।




