देहरादून : भारी बारिश के चलते नंदा की चौकी पर बने नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड़ मंगलवार सुबह धस गई। एप्रोच रोड पर गहरा गड्ढा बन गया और आवाजाही प्रभावित हो गई। पुल बने बहुत लंबा समय नहीं हुआ है। नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड का इस कदर धसना निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करता है। गनीमत है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित रहा सिर्फ एप्रोच रोड ही धसी। विपक्ष के नेता भी मौके पर पहुंच गए। सीएम की सख्ती के चलते कार्यदायी संस्था के भी हाथ पैर फूल गए। सीएम धामी के सख्त रुख को देख शासन ने एप्रोच रोड धसने के कारणों के लिए जांच बिठाई और आनन फानन में गड्ढे की भराई भी शुरू कर दी गई।
करीब 12 घंटे के भीतर एप्रोच रोड पर हुए गड्ढे को भर दिया गया और आवाजाही बहाल कर दी गयी। सचिव लोक निर्माण विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बिठाई और 3 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट तलब की है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। हालांकि ये अपने आप मे बड़ा प्रश्न है कि कैसे एक नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड बरसात नहीं झेल पाई और धंस गई।
*धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई: नंदा की चौकी में मात्र 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ आवागमन*
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए लगातार अभियान चलाया और 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कर मार्ग को पुनः सुचारु रूप से आवागमन के लिए खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




