देहरादून : नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के अंतर्गत वायु गुणवत्ता में सुधार कर देहरादून शहर ने देशभर में 12वां स्थान हासिल किया है। साल 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था जबकि साल 2025 में 19वें स्थान पर पहुंचा और इस साल देहरादून 12वें स्थान पर है। जो दर्शाता है कि देहरादून स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की दिशा में बेहतर सुधार कर रहा है।
देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल ने शहर वासियों के साथ ही देहरादून नगर को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने की मुहिम में जुटे समस्त विभागों और नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों की सराहना की है और साथ ही उम्मीद भी की है कि देहरादून शहर को प्रदूषण मुक्त करने व स्वच्छ वायु की दिशा में पहले पायदान पर लाने की दिशा में सभी लोग और अधिक प्रयास करेंगे।
मेयर सौरभ थपलियाल का कहना है कि यह उपलब्धि देहरादूनवासियों, नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत सभी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, साथ ही, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का भी नतीजा है जिससे इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
मेयर सौरभ थपलियाल का कहना है कि “यह सम्मान हमें और अधिक प्रतिबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। हमारा संकल्प है कि देहरादून की वायु गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा शहर को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाने के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जाएं। देहरादून को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार। आइए, हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित देहरादून के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें”।
हम आपको बताते चलें कि देहरादून शहर का विस्तार बहुत तेजी के साथ हो रहा है और कहीं न कहीं विस्तार का खामियाजा भी दूनघाटी को उठाना पड़ रहा है। कृषि भूमि का क्षेत्रफल घट रहा है, आम लीची के बाग गायब हो रहे हैं और कंक्रीट के जंगल तेजी से पैर पसार रहे हैं। लिहाजा इस विस्तार का विपरीत असर देहरादून के पर्यावरण पर पडना लाजमी है। लेकिन जिस तरह से स्वच्छ वायु की दिशा में सुधार नज़र आ रहा है ऐसे में कहा जा सकता है कि सामूहिक प्रयास से स्थित और बेहतर हो सकती है और इसके लिए पर्यावरण को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।




