नई दिल्ली : हरिद्वार लोकसभा सांसद व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय सड़क, परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिख हरिद्वार-ऋषिकेश में यात्रा सीजन के दौरान लगने वाले जाम से निजात के लिए बाईपास तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध किया है। सांसद त्रिवेंद्र रावत ने पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान इस बड़ी समस्या की ओर खींच उचित कारवाई का अनुरोध किया है।
दरअसल हरिद्वार-ऋषिकेश चारधाम यात्रा का शुरुआती पड़ाव है। अधिकांश यात्री हरिद्वार से ऋषिकेश होते हुए अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। इसके अलावा ऋषिकेश धार्मिक आस्था के साथ ही एडवेंचर स्पोर्ट्स राफ्टिंग, बंजी जंपिंग के हब के तौर पर उभर रहा है। इस कारण भी बड़ी संख्या में पर्यटक व एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन यहां पहुंचते है। वीकेंड पर अक्सर ऋषिकेश के आसपास की सड़को पर वाहनों की लंबी कतार दिखाई पड़ती है और लोगों को जाम की स्तिथि से जूझना पड़ता है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार-ऋषिकेश के जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास की जरूरत महसूस की जाती रही है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में सांसद त्रिवेंद्र रावत ने ये अनुरोध किया है कि हरिद्वार के चंडी घाट से चीला बैराज होते हुए परमार्थ निकेतन के पीछे से मोहन चट्टी पुल से बद्रीनाथ मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करते हुए फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाए। जिस प्रकार से ऋषिकेश व आसपास का इलाका एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में प्रसिद्ध हो रहा है , ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाईन का काम तेजी से चल रहा है , ऐसे में आने वाले वक्त में इस क्षेत्र में पर्यटकों , यात्रियों का दबाव बढ़ना लाजमी है। लिहाजा वैकल्पिक मार्ग के बनने से काफी हद तक हरिद्वार-ऋषिकेश की जाम की समस्या से निपटा जा सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र रावत ने सोशल मीडिया के जरिए यह साझा किया है कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जल्द इस संबंध में सर्वे करवाने का आश्वासन दिया है। यह बाईपास करीब 25 किलोमीटर का होगा , और इसके बन जाने के बाद उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलेगी।




