देहरादून : सत्ताईस की सीढ़ी चढने के लिए भाजपा ने नया फॉर्मूला तय किया है। एक एक सीट की अहमियत को समझते हुए इस बार 2022 के चुनाव में हारी हुई सीटों के लिए भाजपा ने नया फॉर्मूला तय किया है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हारी हुई 23 विधानसभा सीटों पर इस बार भाजपा संगठन ने पार्टी नेताओं को मोर्चे पर उतार दिया है। सभी नेताओं को एक-एक हारी हुई सीट की जिम्मेदारी दी गई है।
सभी नेता चुनाव तक इन हारी हुई सीटों में संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए प्रवास करेंगे। सीएम पुष्कर धामी खटीमा सीट पर रहेंगे। खटीमा सीएम धामी की अपनी सीट रही है जिसे 2022 के चुनाव में वो हार गए थे। अब आगामी विधानसभा चुनाव तक सीएम धामी खटीमा सीट पर फोकस करेंगे। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पिरान कलियर में रहेंगे तो वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा को पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी दी गई है इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को लक्सर की तो हरिद्वार लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र रावत को खानपुर की जिम्मेदारी दी गई है। साफ है कि भाजपा संगठन बखूबी जानता है कि इस बार पनघट की डगर इतनी भी आसान नहीं लिहाजा एक एक सीट पर फोकस करना ही पड़ेगा।
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने जानकारी साझा की है कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विधानसभावार संगठनात्मक प्रवास की जिम्मेदारी कोर कमेटी के सदस्यों एवं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और दायित्वधारियों को दी है। ये सभी आने वाले दिनों में इन 23 सीटों में चुनाव तक के सभी संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए प्रवास करेंगे। संबंधित विधानसभा में बूथ स्तर तक कार्यक्रमों के लिए बेहतर समन्वय बनाएंगे और जमीनी कार्यकर्ताओं एवं जन जन तक पार्टी विचारों और सरकार की उपलब्धियां पर चर्चा करेंगे। यानी सभी माइक्रो मैनेजमेंट पर कार्य करते हुए संबंधित विधानसभा में जीत सुनिश्चित करने के लिए माहौल तैयार करेंगे।
नजर डालते हैं किस नेता को किस विधानसभा सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है
संगठनात्मक विधानसभा प्रवास की जिम्मेदारियों में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को पिरान कलियर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा को पिथौरागढ़, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को लक्सर, पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को खानपुर, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल को मंगलौर, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भगवानपुर, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह को यमुनोत्री, नैनीताल सांसद अजय भट्ट को नानकमत्ता, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी को ज्वालापुर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को बाजपुर, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत को द्वाराहाट, कैबिनेट मंत्री खजानदास को हल्द्वानी, सुबोध उनियाल को प्रताप नगर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को अल्मोड़ा, राकेश गिरी को झबरेड़ा, प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत को चकराता, महामंत्री कुंदन परिहार को हरिद्वार ग्रामीण, तरुण बंसल को जसपुर, दायित्वधारी सुरेश भट्ट को किच्छा, श्याम नारायण पांडे को लोहाघाट, गणेश भंडारी को धारचूला की जिम्मेदारी दी गई है।

