देहरादून : प्रदेश भाजपा संगठन व सरकार में हलचल मचाने वाले एक वायरल पत्र को लेकर उठा सियासी बवंडर फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया में वायरल हुए पत्र को लेकर सोमवार को भाजपा विधायक अरविंद पांडे मीडिया से मुखातिब हुए और इस पत्र से साफ किनारा किया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। इस पत्र को फर्जी करार दिया।
दरअसल बीते दिनों कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक वायरल लेटर को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। कथित वायरल पत्र वरिष्ठ बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय के लेटर पैड पर था जो कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व को संबोधित बताया जा रहा जिसमें प्रदेश नेतृत्व की शिकायत की गई थी। इस कथित पत्र में सीधे सीधे सीएम धामी पर निशाना साधा गया था। कांग्रेस ने इस पत्र को मुद्दा बनाते हुए सवाल उठाए और पत्र की सत्यता को लेकर सत्तापक्ष से स्तिथि स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि ये पत्र किसे संबोधित था ये साफ इसलिए नहीं हो सका कि नाम को काली स्याही से ढका गया था।
ये कथित पत्र बीजेपी के लिए मुसीबत बन गया जिसपर पार्टी से स्पष्ट जवाब देते न बन रहा था। हालांकि आज बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अरविंद पांडे मीडिया के सामने आए और इस पत्र को लेकर अनभिज्ञता जताते हुए इससे किनारा किया। इस पत्र को फर्जी करार देते हुए इसे छवि खराब करने का प्रयास बताया। वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस पार्टी एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का एकमात्र मकसद अपनी पार्टी में चल रही गुटबाज़ी और सर फुटौव्वल से जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को इसके लिए सार्वजनिक तौर से माफी मांगनी चाहिए।




