देहरादून : गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के प्रयास से रामनगर-देहरादून रेल सेवा को रेल मंत्रालय का ग्रीन सिग्नल मिल गया है। रेल मंत्रालय ने रामनगर-देहरादून रेल सेवा को अपनी मंजूरी दे दी है। बहुत जल्द रेल सेवा की शुरुआत हो जाएगी। इससे देहरादून रामनगर के बीच का सफर और आसान हो जाएगा। जहां एक तरफ इससे स्थानीय लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी तो वहीं पर्यटन को भी उम्मीद के पंख लगेंगे। दरअसल पिछले लंबे समय से रामनगर देहरादून रेल सेवा की मांग चली आ रही है।
जनवरी के महीने में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने रेल मंत्री से मुलाकात कर ट्रेन संचालन के लिए आग्रह किया था। रेल मंत्रालय की तरफ से रामनगर देहरादून रेल सेवा को स्वीकृति प्रदान की गई है। सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है साथ ही उन्होंने रेल मंत्री का आभार भी जताया है। सांसद अनिल बलूनी ने विश्वास जताया है कि रामनगर-देहरादून रेल सेवा प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि लोगों के धन की बचत होगी और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। सांसद अनिल बलूनी का कहना है यह स्वीकृति उत्तराखंड के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है आने वाले समय में राज्य में रेल नेटवर्क को और सशक्त किया जाएगा।
उत्तराखंड में रेल सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। रामनगर-देहरादून रेल सेवा से पहले भी काठगोदाम-देहरादून के बीच “नैनी-दून एक्सप्रेस”, कोटद्वार से नई दिल्ली रेल सेवा व देहरादून से लखनऊ के लिए “वंदे भारत एक्सप्रेस” जैसी महत्वपूर्ण सेवा उत्तराखंड को मिल चुकी हैं। जिस तरह से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी का विस्तासर हो रहा है उत्तराखंड के लिए संभावनाओं के द्वारा भी खुलते चले जा रहे हैं। चाहे रोड कनेक्टिविटी हो, एयर कनेक्टिविटी हो या रेल कनेक्टिविटी हो जिस तरीके से उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं को विस्तार हो रहा है उससे आने वाले दिनों में उत्तराखंड की दशा और दिशा भी बदलने वाली है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार स्वरोजगार के भी कई अवसर हैं। लाजमी है कि कनेक्टिविटी बढ़ती है तो इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी मिलेगा जो राज्य से पलायन रोकने में भी मददगार साबित होगा।




