देहरादून : प्रदेश में श्रमिक हितों के संरक्षण एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय में एक अहम समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों व अधिकारियों की मौजूदगी में श्रमिकों की हितों के संबंध में कई अहम विषयों पर चर्चा की गई। श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस वह अन्य सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख सचिव ने आयुक्त उद्योग आयुक्त श्रम एवं सभी उद्योगों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन सहित सभी वैधानिक सुविधा समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि सभी उद्योग संस्थान श्रम कानूनों के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए श्रमिकों से नियमित संवाद स्थापित कर उन्हें विश्वास में लेकर कार्य करें।
प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनः व्यापक स्क्रीनिंग कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी श्रमिकों को मानक के अनुरूप वेतन एवं सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। साथ ही इस संबंध में यदि कोई बाहरी व्यक्ति भ्रम अथवा दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास करते हैं तो वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में आयुक्त उद्योग एवं श्रम विभाग सहित औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए अपना पक्ष प्रस्तुत किया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप न्यूनतम वेतन एवं अन्य सुविधाएं श्रमिकों को प्रदान की जा रही हैं।
प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने कहा कि राज्य सरकार एवं श्रम विभाग श्रमिक भाइयों की समस्याओं के प्रति पूर्णतः संवेदनशील हैं तथा उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। आपको बतातें चलें कि मौजूदा वक्त में उत्तराखण्ड राज्य में पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक न्यूनतम वेतन निर्धारित किया हुआ है। बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, आयुक्त उद्योग सौरव गहरवार, आयुक्त श्रम विभाग पी.सी. दुम्का सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




