पौड़ी : पहाड़ों में इन दिनों बढ़ते वन्य जीव हमले की घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। खास तौर से पिछले कुछ वक्त से भालू के हमले की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है जो इस वक्त सबसे बड़ी चिंता का कारण बन रहा है और वो इस वजह से भी कि भालू आबादी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं।
बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मानव वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को कैसे रोका जाए। कैसे वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र से दूर रखा जाए। क्या आवश्यक और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं ताकि लगातार बढ़ रही वन्य जीव हमले की घटनाओं को रोका जा सके।
पौड़ी जिले के दौरे पर पहुंचीं बीजेपी प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने मंगलवार को पोखडा क्षेत्र के अंतर्गत बगड़ीगाड, देवराड़ी एवं घंडियाल में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी उनकी चिंता व सुझाव को गंभीरता से सुना।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा लगता है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में जन, जंगल, जमीन और वन्य जीव के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जनसंवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम है। हाल के दिनों में उत्तराखंड के कई पहाड़ी क्षेत्र में वन्य जीवों द्वारा मानव एवं मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आई है जिन्हें अत्यंत गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि आने वाले समय में ग्रामीणों द्वारा दिए गए सुझावों को भी समाहित करते हुए व्यावहारिक व नीतिगत स्तर पर आवश्यक निर्णय सुनिश्चित करने की दिशा में पहल की जाएगी ताकि वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाओं में कमी आए और ग्रामीणों की सुरक्षा आजीविका एवं पशुधन का संरक्षण हो सके।



