देहरादून / नई दिल्ली : हरिद्वार लोकसभा सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में उठाए गए प्रश्न के उत्तर में आयुष मंत्रालय ने देश में औषधीय पौधों के संरक्षण, विकास एवं खेती को बढ़ावा देने हेतु चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की है।
आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने अपने उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) द्वारा पिछले पाँच वर्षों में देशभर में औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और सतत प्रबंधन हेतु व्यापक कार्य किए गए हैं।
मंत्रालय द्वारा दिए आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में कुल 26 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके लिए लगभग ₹700.21 लाख की धनराशि जारी की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उत्तराखंड औषधीय पौधों के विकास और खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
मंत्रालय द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2023-24 से औषधीय पौधों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एकीकृत घटक के तहत कार्य किया जा रहा है, जिससे गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री, विपणन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल के माध्यम से देशभर में लगभग 2000 हेक्टेयर क्षेत्र को औषधीय पौधों की खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
औषधीय पौधों के विपणन को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए “ई-चरक” मोबाइल एप्लिकेशन भी प्रारंभ किया गया है, जो किसानों को देशभर के बाजारों से जोड़ने, मूल्य जानकारी उपलब्ध कराने और खरीदार-विक्रेता के बीच संपर्क स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
सांसद त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक एवं जैव-विविधता की दृष्टि से औषधीय पौधों के लिए अपार संभावनाएं हैं, और केंद्र सरकार की योजनाओं से इन संभावनाओं को साकार करने में तेजी आई है।
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उत्तराखंड को हर्बल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार एवं आयुष मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक बाजार व्यवस्था के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है।




