देहरादून/नई दिल्ली : हरिद्वार लोकसभा सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को प्रभावी रूप से उठाया गया, जिन पर केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से विस्तृत और तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत की गई। इन विषयों में ऊर्जा, आवास, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, डिजिटल सेवाएं, कृषि, वन संपदा, न्याय व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन जैसे व्यापक क्षेत्र शामिल रहे।
ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य में हजारों रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को शून्य बिजली बिल का लाभ मिला है और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहरी विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) के माध्यम से हजारों आवासों का निर्माण एवं वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे शहरी गरीबों को सम्मानजनक जीवन का आधार मिल रहा है। यह योजना ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा भूजल स्तर में सुधार, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण, अमृत सरोवर, अटल भूजल योजना तथा डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे उपायों के माध्यम से ठोस प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड में 97 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल कनेक्शन पहुंचना प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म U-WIN के जरिए मातृ एवं शिशु टीकाकरण को सुदृढ़ किया गया है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ में कैशलेस उपचार सुनिश्चित करने की नई योजना भी लागू की गई है, जो जनजीवन की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विमानन क्षेत्र में तेजी से बढ़ते बेड़े और कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा, समय-पालन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) के माध्यम से शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के क्षेत्र में हरिद्वार–लक्सर क्षेत्र में मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनलों की स्वीकृति से उद्योगों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण, रेल सुविधाओं के विस्तार और यातायात अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
डिजिटल क्षेत्र में प्रसार भारती द्वारा “वेव्स ओटीटी” और “पीबी-शब्द” जैसी पहलों के माध्यम से सूचना तंत्र को सशक्त किया जा रहा है, जिससे देशभर में बहुभाषी और सुलभ सूचना उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में औषधीय पौधों, सुगंधित खेती, पीरूल एवं रेज़िन जैसे वन संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल दिया गया, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। वन संपदा को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में उत्तराखंड में फास्ट ट्रैक न्यायालयों के विस्तार से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं, बाल संरक्षण, शिक्षा (पुस्तकों पर जीएसटी से छूट), तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी सरकार की स्पष्ट और जनहितकारी नीतियां सामने आई हैं।
इसके अतिरिक्त, हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम को कम करने के लिए उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियर मॉनिटरिंग और जलवायु अनुकूलन उपायों पर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है।
इस अवसर पर सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।




