देहरादून : दून घाटी की हरी भरी वादियां हमेशा से ही पर्यटकों को अपनी ओर खींचती रही है। बदलते दौर में जिस तेजी के साथ देहरादून शहर का कायापलट हो रहा है ऐसे में दून घाटी की हरियाली को बचाना बेहद जरूरी है। इस दिशा में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की तरफ से पहल की गई है। शहर के सौंदर्यीकरण के साथ ही एमडीडीए दून शहर के पार्कों का भी कायाकल्प कर रहा है। देहरादून का फॉरेस्ट सिटी पार्क इसका बेहतरीन उदाहरण है जिसे हर आयुवर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहां जंगल की सैर के साथ सेहत-मनोरंजन का गजब कॉम्बिनेशन नज़र आता है।
इसे सीएम पुष्कर धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार किया गया है जो कि दूनवासियों की धड़कन बन गया है, और यह आधुनिक हरित विकास का एक मॉडल भी पेश कर रहा है। करीब 12.45 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले पार्क में आपको प्रकृति पर्यावरण, स्वास्थ्य, मनोरंजन का संगम देखने को मिलेगा।
सिटी फॉरेस्ट पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसका “वन जैसे माहौल” को सुरक्षित रखना है। विकास कार्य इस तरह किया गया है कि प्राकृतिक ढलानें, पेड़ों का आवरण, मौसमी नाले, वनस्पतियों और मिट्टी की संरचना को नुकसान न पहुंचे। यही कारण है कि यहाँ आते ही शहर का शोर-शराबा अचानक धीमा लगता है और जंगल जैसी शांति महसूस होती है।
पार्क को हर आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षक और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से यहाँ अनेक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। पार्क में तैयार साइकिल ट्रैक, लगभग 1.2 किलोमीटर लंबा वन-वॉक फिटनेस ट्रेल, सुव्यवस्थित जॉगिंग ट्रैक और प्राकृतिक ढलानों के बीच बना बच्चों का मेज़ (Maze) इसे बच्चों और युवाओं के लिए रोमांचक बनाते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से मेल खाते हुए झूला पुल, शांत वातावरण में बने योग एवं ध्यान केन्द्र, और स्वास्थ्य लाभ हेतु तैयार किया गया एक्यूपंक्चर ज़ोन आगंतुकों को मानसिक-शारीरिक आराम प्रदान करते हैं।
इसके अलावा, पार्क में सुंदर बांस गज़ेबो, रंग-बिरंगी फूलों की क्यारियाँ, बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित ट्री हाउस, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए ओपन एयर थिएटर, आरामदायक कैफेटेरिया, शांत पठन क्षेत्र, युवाओं के लिए स्केटिंग रिंक, प्राकृतिक स्पर्श से युक्त पेबल क्रॉसिंग,व जैव-विविधता संरक्षण को बढ़ावा देता वेटलैंड रिस्टोरेशन ज़ोन विकसित किया गया है। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, मनोरंजन, शिक्षा और प्रकृति का अद्भुत संगम प्रदान करना है, जिससे यह पार्क देहरादून का सबसे पसंदीदा शहरी हरित क्षेत्र बनकर उभर रहा है।
एमडीडीए का दूरदृष्टि-युक्त विकास, 40.07 करोड़ की लागत से
एमडीडीए द्वारा लगभग 40.07 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पार्क को आधुनिक हरित-ढांचे का उत्कृष्ट उदाहरण बनाने की रूपरेखा है। पार्क को पर्यावरण, पर्यटन और जनसुविधा—तीनों आयामों के संतुलन के साथ विकसित किया जा रहा है। पार्क के समग्र विकास की परिकल्पना को आकार देते हुए यहाँ प्रवेश द्वार को महासू देवता मंदिर की पारंपरिक शैली से प्रेरित होकर रूप दिया गया है, जो आगंतुकों का स्वागत सांस्कृतिक सौंदर्य के साथ करता है। पार्क में कार और बसों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जबकि ऊँचाई पर बना टॉप व्यू एरिया पूरे परिसर का खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करता है।
आगंतुकों की सुविधा के लिए टिकट घर और सूचना केंद्र, आरामदायक बेंच, स्वच्छ शौचालय, तथा हर ओर फैला प्राकृतिक हरित क्षेत्र जिसमें सजावटी और स्थानीय प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं, पार्क को विशेष पहचान देते हैं। पार्क में बांस के गज़ेबो, जल पौधों वाला एक्वाटिक प्लांट एरिया, सभी हिस्सों को जोड़ने वाला मुख्य पथ और प्राकृतिक वातावरण से मेल खाता लकड़ी का पुल भी बनाया गया है। संपूर्ण क्षेत्र के चारों ओर 3.5 मीटर चौड़ा प्राकृतिक परिधि मार्ग, 0.6 मीटर चौड़ा मौसमी नाला, झाड़ियों से सजा किनारा और फूलों की क्यारियों के बीच बने आकर्षक वॉकवे पार्क की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। आगंतुकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक्यूपंक्चर क्षेत्र, शांत योग एवं ध्यान स्थल, बच्चों का सुरक्षित खेल क्षेत्र, जॉगिंग और फिटनेस ट्रेल, तथा पठन क्षेत्र बनाए गए हैं। वहीं, आधुनिक स्पर्श देने के लिए पेड़ों की छाया में नर्सरी के लिए स्थान, 1.2 किमी लंबा वन-वॉक ट्रेल भी विकसित किए गए हैं।
स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर में गीले और सूखे कचरे के डस्टबिन, खाद बनाने का गड्ढा, तथा पेयजल फव्वारे सहित सुसज्जित कैफेटेरिया उपलब्ध है। बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए अलग-अलग ट्री हाउस, आरामदायक बांस की बेंच, साइकिल ट्रैक, बच्चों के लिए अलग साइकिल ट्रैक के साथ स्केटिंग रिंक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए खुला थिएटर, तथा पुस्तक वितरण और योग सामग्री के लिए समर्पित स्टोर भी पार्क की विशेषताएँ हैं, जो इसे संपूर्ण रूप से एक आधुनिक, हरित और बहुआयामी सार्वजनिक स्थल बनाते हैं। इस योजना में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मिट्टी संरक्षण, जल संरक्षण, वर्षा जल प्रबंधन, शहरी बायो-डायवर्सिटी और स्थानीय पेड़ों का संरक्षण भी शामिल है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का कहना है कि सिटी पार्क देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदृष्टि और हरित-शहरी विकास की सोच का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि शहर में ऐसे और भी पार्क विकसित किये जायें, जहाँ प्रत्येक आयु वर्ग के लोग स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्रकृति तीनों का समग्र अनुभव ले सकें। वहीं सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का मानना है कि सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल एक पार्क नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य का हरित-धरोहर है। यहाँ प्रकृति है, स्वास्थ्य है, योग और आयुर्वेद है, बच्चों का हँसी-खेल है, पर्यटन का आकर्षण है, और एक आधुनिक, स्वच्छ और स्थायी शहर की झलक है। आने वाले वर्षों में यह पार्क राजधानी देहरादून की पहचान, गौरव और प्रमुख आकर्षण के रूप में विश्व स्तर पर उभारने का प्रयास है।




