मंगलवार का दिन महेन्द्र भट्ट के लिए मंगलमय रहा। कुशल सांगठनिक नेतृत्व क्षमता , परिणाम केंद्रीत व्यक्तित्व , सरल-सहज स्वभाव व सबको साथ लेकर चलने का हुनर। इन्हीं सकारात्मक पहलुओं के दम पर महेन्द्र भट्ट के नाम एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। महेंद्र भट्ट फिर से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए। भाजपा आला कमान ने 2027 के चुनाव के मध्येनजर संगठन की कमान महेन्द्र भट्ट को ही सौंपने का निर्णय किया। प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के साथ ही महेन्द्र भट्ट ने यह ऐलान भी कर दिया की 27 के चुनाव में बीजेपी जीत की हैट्रिक लगाएगी और अब की बार 60 पार बीजेपी का लक्ष्य होगा। हालांकि दूसरी पारी में महेंद्र भट्ट की पहली परीक्षा पंचायत चुनाव की रहने वाली है जिसको लेकर महेंद्र भट्ट पूरी तरीके से आश्वस्त नजर आए और सभी जिला पंचायत सीटों पर बीजेपी की जीत का दावा भी किया। पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने सभी से सहयोग की अपील भी की।
बोले महेन्द्र भट्ट : पीएम मोदी का मार्गदर्शन सीएम धामी का नेतृत्व सोने पे सुहागा , प्रदेश में ऐसा नेतृत्व मिला जिसने देवभूमि के देवतुल्य स्वरूप को बनाये रखा
नए प्रदेश अध्यक्ष कमान संभालने के साथ ही महेंद्र भट्ट ने सीएम पुष्कर धामी की जमकर सराहना भी की। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन लगातार उत्तराखंड को मिलता है तो वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व है जो कि सोने पे सुहागा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तरीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर धामी ने देवभूमि उत्तराखंड के देवतुल्य स्वरूप को बनाए रखा। महेन्द्र भट्ट ने धामी सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि धामी सरकार द्वारा यूनिफार्म सिविल कोड से लेकर कई सराहनीय कार्य किये हैं साथ ही विकास के नए आयाम भी स्थापित किये हैं।
सीएम पुष्कर धामी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बीच दिखी जबरदस्त केमिस्ट्री
सरकार के मुखिया के तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संगठन के अध्यक्ष के तौर पर महेंद्र भट्ट के बीच में जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिली। संगठन और सरकार के बीच में काफी बेहतर तालमेल रहा और जिसका नतीजा यह रहा कि सरकार और संगठन के बीच हमेशा सामंजस्य स्थापित नजर आया। ये ही नहीं सीएम धामी की ओर से भी संगठन के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरा तालमेल बिठाया गया। जिसका नतीजा रहा कि निकाय चुनाव में बीजेपी 11 में से 10 नगर निगमों में अपना कब्जा बनाने में कामयाब रही। इसके अलावा तमाम चुनौतियों के बावजूद भी केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव भी बीजेपी के खाते में ही गया।




