चमोली : चमोली जिले के थराली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सैनिक बाहुल्य स्वाड गांव के लिए अच्छी खबर है। स्वाड गांव में अब केंद्रीय विद्यालय खुलने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने स्वाड गांव में केंद्रीय विद्यालय को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने यह जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार जताया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने लिखा है कि सैनिक बाहुल्य दुर्गम, दूरस्थ और सीमांत गांव स्वाड में केंद्रीय विद्यालय का खुलना क्षेत्र के छात्रों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
दरअसल स्वाड उत्तराखंड के चमोली जिले का वह दूरस्थ गांव है जिसकी अपनी एक अलग पहचान है और वह पहचान है सैनिक बाहुल्य गांव होने की। इस गांव का भारतीय सेना से अटूट रिश्ता है। इस गांव के हर परिवार से कोई न कोई भारतीय सेना का हिस्सा है। इसकी पहचान सैनिक बाहुल्य गांव के साथ ही फौजियों के गांव के तौर पर भी जानी जाती है। यहां के वीर सपूतों ने युद्धभूमि में अपने शौर्य का प्रदर्शन किया है। यह गांव चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है और जिले का सीमांत क्षेत्र का गांव भी है। इस गांव की देवभूमि उत्तराखंड में अपनी एक अलग पहचान है। और अब गांव के लिए एक अच्छी बात और हो गई कि यहां केंद्रीय विद्यालय खुलेगा जिससे दूर क्षेत्र के छात्रों को भी अच्छी शिक्षा मिलेगी।




