पौड़ी (उत्तराखंड), 28 फरवरी,
गढ़वाल लोकसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने शनिवार को गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के एक घोस्ट विलेज ” धूर ” का दौरा किया और वहां अभी भी रह रहे कुछ परिवारों के साथ होली खेली। इस मौके पर इस होली मिलन कार्यक्रम में गाँव के कई प्रवासी भी शामिल हुए जो बाहर शहरों में बस गए थे।
सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि पहाड़ में “घोस्ट विलेज” दशकों से हो रहे पलायन के मूक गवाह हैं। अब जरूरत है ऐसे गांव को फिर से आबाद करने की, पहाड़ों की ओर रिवर्स पलायन की। भाजपा सांसद अपने चुनाव क्षेत्र में ऐसे घोस्ट विलेज को फिर से आबाद करने के मिशन पर हैं।
भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि कभी इंसानों की हंसी-ठिठोली और मवेशियों से गुलजार रहने वाले ये गांव, जिनकी संख्या उत्तराखंड में सैकड़ों है, अब वीरान पड़े हैं, उनके सीढ़ीदार खेत या बंजर पड़े हैं या जंगली घास-फूस से ढके हुए हैं और घर बंद और जर्जर पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पलायन ने इस इलाके पर बड़ा असर डाला है।
अनिल बलूनी ने कहा कि पौड़ी में पहले आठ विधानसभा सीटें थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर छह हो गई है और अगले परिसीमन के बाद यह और भी कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य के कई जिले “एक ही संकट” का सामना कर रहे हैं।
बलूनी ने कहा, “बचपन से ही मैंने गांवों को वीरान होते देखा है।”
उन्होंने कहा, “आज, कई गांवों को घोस्ट विलेज कहा जाता है क्योंकि लोग शहरों में बेहतर ज़िंदगी चाहते थे। लेकिन अब, बेहतर सड़कों, बिजली, पानी और दूसरी सुविधाओं के साथ, अपनी जड़ों की ओर लौटने का समय आ गया है, जहां हमारी विरासत सच में फल-फूल रही है।”
सांसद अनिल बलूनी ऐसे गांवों में उन्हें फिर से आबाद करने की अपनी कोशिशों के तहत अक्सर जाते रहते हैं। अपनी कोशिशों के तहत, भाजपा सांसद ने “अपना वोट अपने गांव” कैंपेन की भी शुरूआत की है, जिसमें लोगों से अपने गांवों में वोटर के तौर पर खुद को रजिस्टर करने की अपील की गई है जिसकी शुरुआत उन्होंने खुद से की है।




