नई दिल्ली/देहरादून : उत्तराखंड के प्राकृतिक उत्पादों, जड़ी-बूटियों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक नई शुरुआत होने जा रही है। इसके लिए बहुत जल्द केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम गढ़वाल क्षेत्र का दौरा करेगी। ये टीम जिलाधिकारी और काश्तकारों से बातचीत करेगी और वहां प्राकृतिक रूप से उपजाई जाने वाले विशेष कृषि उत्पादों के बारे में भी जानकारी एकत्रित करेगी ताकि इन उत्पादों को दुनिया के बड़े बाजार में उतरा जा सके।
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इस दिशा में पहल करते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी और उनसे निवेदन किया था कि वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र का दौरा कर इस बात की संभावनाएं तलाश में जुटे कि पहाड़ में मिलेट्स औषधिय जड़ी-बूटियां और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों को किस तरीके से वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है ताकि गढ़वाल के किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके और साथ ही उनके उत्पादों की ब्रांडिंग होने के साथ ही GI टैगिंग भी हो सके।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस संदर्भ में अपनी संस्तुति प्रदान कर दी है और बहुत जल्द अब केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम गढ़वाल का भ्रमण करेगी जो कि स्थानीय काश्तकारों के साथ ही जिला प्रशासन के साथ बातचीत कर फीडबैक लगी और संबंधित क्षेत्र में उत्पादित होने वाले उत्पादों के संदर्भ में जानकारी इकट्ठा करेगी। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की ये कोशिश गढ़वाल क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी इससे पहाड़ की अर्थव्यवस्था बदलने के साथ ही किसानों की स्थिति भी बदलेगी और दुनिया भर में गढ़वाल की एक अलग पहचान भी बनेगी।
दरअसल वर्तमान दौर में प्राकृतिक उत्पादों की वैश्विक बाजार में भी बड़ी मांग हैं। सेहत के लिए लाभदायक एंव पौष्टिक होने के साथ ही ये उत्पाद पूर्ण रूप से प्राकृतिक भी होते हैं और बेहद शुद्ध भी जो कि सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। इसके अलावा हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों का भंडार भी है जहां पर बड़े पैमाने पर जड़ी बूटियां भी उगाई जाती है। अगर पहाड़ के इन उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलता है तो इसका सीधा लाभ छोटे काश्तकारों को होगा और खेती उनके लिए वरदान साबित होगी जो कि उनकी किस्मत को बदल सकती है और उनकी आजीविका का भी सशक्त माध्यम बन सकती है।




