देहरादून / नई दिल्ली : हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संसद में देशभर के हवाई यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु स्थापित ‘यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR)’ की कार्यप्रणाली, प्रभावशीलता तथा भविष्य की कार्ययोजना पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने दिसंबर 2025 से प्राप्त शिकायतों की श्रेणी-वार संख्या, बार-बार शिकायतों वाले एयरलाइनों/हवाई अड्डों की पहचान, तकनीकी सुविधाओं तथा ‘पैसेंजर-फर्स्ट’ इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा माँगा।
नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि एयरलाइनों, हवाई अड्डों और अन्य हितधारकों के समन्वय से 24×7 यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) स्थापित किया गया है, जो शिकायतों की वास्तविक समय निगरानी एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करता है।
9 फ़रवरी 2026 तक प्राप्त शिकायतों के अनुसार सोशल मीडिया एवं कॉल माध्यम से रिफंड संबंधी 1,153, रद्दकरण संबंधी 547, बैगेज संबंधी 373 तथा उड़ान विलंब संबंधी 157 शिकायतें प्राप्त हुईं, इसके अलावा एयर सेवा पोर्टल पर टिकटिंग एवं किराया संबंधी 16,634, बैगेज संबंधी 5,102 तथा उड़ान विलंब संबंधी 8,498 शिकायतें दर्ज की गईं।
मुरलीधर मोहोल ने अवगत कराया कि एयरलाइन-वार एवं श्रेणी-वार रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं और त्वरित समाधान हेतु संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की जा रही है। PACR कॉल, ईमेल, सोशल मीडिया तथा एयर सेवा पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को एकीकृत कर सुरक्षित ओम्नी-चैनल डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी करता है। साथ ही, डीजीसीए के सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) तथा यात्री चार्टर के अनुपालन को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है।
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हवाई यात्रियों के अधिकारों की रक्षा और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और उत्तरदायी शिकायत निवारण तंत्र ही ‘पैसेंजर-फर्स्ट’ व्यवस्था की आधारशिला है।
त्रिवेंद्र रावत ने यह भी कहा कि भविष्य में बड़े व्यवधानों या आकस्मिक परिस्थितियों में PACR की जनशक्ति, तकनीकी क्षमता और विस्तारयोग्यता को और सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है, ताकि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता मिल सके। उन्होंने मंत्रालय द्वारा 24×7 निगरानी व्यवस्था स्थापित करने और यात्री हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की।




